Gopal Gupta

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ग़ज़ल

प्रतियोगिता स्छिवेत  ग़ज़ल 

कोई गुर्बत से वाकिफ़ है क़ुर्बत से वाकिफ़ है,
दिले बीमार लगता है सभी आफ़त से वाकिफ़ है,,

कहानी के सभी क़िरदार बौने हो गए साहिब,
मुझे लगता नहीं के वो तेरी रहमत से वाकिफ़ है,,

बड़ी ख़ामोश धड़कन हैं लगी करने इबादत हैं,
न जाने क्यों ये लगता है मेरी कुल्फ़त से वाकिफ़ है,,

जमीं पर आ गई है अब तो शहजादी है जन्नत की,
ख़ताओं  से अदाओं से बड़ी शिद्दत से वाकिफ़ है,,

ये दिल पत्थर बना देना यही फ़रियाद है मौला,
ज़माना दर्द देता है ये दिल उलफ़त से वाकिफ़ है,,


       गोपाल गुप्ता "गोपाल "

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2 Comments

Muskan khan

05-Dec-2022 07:58 PM

Nice 👌

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Gunjan Kamal

05-Dec-2022 09:38 AM

बहुत खूब

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