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लेखनी कहानी -16-Dec-2022

एक कंशिकार गाँव था. एक मरवाड़ी समुदाय, जंकिराम शेथ का एक किराने की दुकान है. गाँव की एक ही दुकान है और वह अपनी कड़वी किराने का सामान गाँव के निवासी के पास ले जाता है. जंकिराम उस गाँव की बागडोर में अमीर हो जाता है. 


  जानकीराम शेथ और जानकी और बेटा खुशी से रहते हैं और लड़की जय. जंकिराम शथ ग्रैम्पानायत चुनाव में खड़ा है और निर्वाचित है. वह उस गाँव का धर्मोपदेश था. जो लोग उस गाँव में पीढ़ीगत हैं, वे "मगुंडे" नाम से परेशान हैं. दुश्मनी बढ़ जाती है. यह केवल इस माध्यम से है कि एक दिन शहर से किराने का सामान लाने वाले जनाकिराम द्वारा उनका टेंपो मारा जाता है. उसमें उसकी मृत्यु हो गई. उसके घर के लोग बहुत रोते हैं. पुलिस उसे एक दुर्घटना के रूप में बताती है. 


     जानकीराम की दुकान उनके बेटे की जिंदगी चलाती है. एक दिन जनकिराम जनाकी के सपने में आता है, "मगंडे के वासुदेव ने मेरी जानबूझकर दुर्घटना की क्योंकि उसे यह पसंद नहीं था कि मैं एक व्यंग्यकार था" अगले दिन जनाकी सपने की जिंदगी बताती है. जीवन अपने पिता की मृत्यु पर एक नज़र डालने का फैसला करता है. पिता की सीट खाली है. जीवन खड़ा है और उस स्थान पर चुना गया है. गाँव के लोगों ने जीवन को अलग रखा.


     उन्हें कोई पद नहीं दिया गया क्योंकि वासुदेव विपक्ष में हैं. वासुदेव मन के बारे में सोचते हैं, जीवन को कैसे समाप्त करें? जीवन सोच रहा है कि यहां वासुदेव को कैसे बदला जाए. वासुदेव की बेटी - वनिता को जीवन के साथ सीखा जाता है. जीवन देखने के लिए एक पिता की तरह ( जानकीराम ) 

है. वह वनिता के साथ प्यार में जीवन लेने और उसकी मदद से वासुदेव से बदला लेने का फैसला करता है. यही वह करता है.


   वनिता अब बड़ी हो गई होगी. वासुदेव अपनी शादी के लिए एक साथी की तलाश कर रहे हैं. वह निर्वासन के लिए जगह लाता है. अनीता पिता से कहती है "मैं एक बच्चे से प्यार करती हूं" वासुदेव पूछता है कि लड़का कौन है? वह कहती है कि जीवन है. वासुदेव अपना नाम सुनने के लिए भड़क गया. उसे शादी करने की अनुमति नहीं होगी, वह हमारा दुश्मन है. वनिता ने उसे बताया, अगर शादी नहीं करनी है, तो मैं किसी से शादी नहीं करूंगा. अविवाहित होगा. कुछ दिन चलते हैं. वह जीवन को सब बताती है. जीवन बताता है कि मेरे पिताजी की दुर्घटना आपके पिताजी द्वारा की गई थी और इसमें उनकी मृत्यु हो गई. मुझे बदला लेने में मदद करें? वह हाँ कहती है.

 

    जीवन एक पिता की तरह चलता है. अनीता की मदद से दोपहर 12 बजे फिर वासुदेव के कमरे में जाती है. वासुदेव सो रहा है. वह दरवाजे की आवाज सुनकर उठ जाता है. सामने देखता है और डरता है "जंकिराम. हम नींद में देख रहे हैं कि वासुदेव सोचता है. इस पर जीवन बोलता है ( जनकिरम ) दुर्घटना से मुझे मारने वाले सभी सत्य आपको यह नहीं बताएंगे कि वासुदे इस पर क्या कहते हैं. इस पर जीवन कहता है, ( जनकिरम ) "मैं तुम्हें मार दूंगा. वासुदेव कबूतरों को कहने के लिए करता है. 

   अगले दिन वासुदेव परेशान है. स्नान के साथ आता है. पत्नी और बेटी को बताता है. " “मैं चाचा के लिए बाहर जा रहा हूँ. थाने में जाकर मुख्य बॉस को सारी घटनाएं बताईं. मुख्य साहब ने जनाकिराम के मामले को फिर से खोल दिया और वासुदेव को पकड़ लिया. 


    आपने पिता की मृत्यु का बदला लिया.जीवन का मन संतुष्ट महसूस करता है. वासुदेव को गिरफ्तार किया गया है. जीवन निर्वासन से शादी करता है. वासुदेव का जनकिरम के साथ एक दुर्घटना हुई होगी. इसी तरह, वनिता की मदद से, जीवन रात में उस घर को धमकी देता है और उसे सच बोलने के लिए मजबूर करता है

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2 Comments

Gunjan Kamal

17-Dec-2022 08:49 PM

बेहतरीन

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Mahendra Bhatt

16-Dec-2022 04:21 PM

शानदार

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