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लेखनी कहानी -18-Dec-2022

*सुगि * 🌹
 दिन आ गया
फसल अदरक की फसल 
काली माँ चंगरली
पीला पक्षी डोल

अदरक का दिन
सारण शिवर खिलता है
मोती के कण
गहू रैन डोवर

अदरक का दिन
फसल ने गति प्राप्त की
जंगल पर खेत
लेज़िम भी थिरक को

हार्डलाइन में
शेकोटी का रंग मिला
हुड़दंग भुना हुआ
गंध बिखरा हुआ था

कैसे ऊर्ध्वाधर सीढ़ी में
खुशी आई
हर जगह बच्चे
सुगि की चाची शुरू की गई थी 

रास भरा मोती
चलो चलते हैं
कार को जम्पुन में लाओ
पूर्ण ओसरी बैग

अनाज पकड़ा नहीं गया था
किसान के घर के बीच में
खुशी समृद्धि नंदो
पोरबाला के लिए जीवन 

 - अभिलाषा देशपांडे

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2 Comments

सुन्दर प्रयास।

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Rajeev kumar jha

18-Dec-2022 05:14 PM

बहुत खूब

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