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लेखनी कहानी -20-Dec-2022



शीर्षक: * दुनिया में तुम मुझे वहाँ है*

तुम वहाँ दुनिया में
दोनों ने लक्ष्य का पालन किया
चाहे कितनी भी आपदाएँ हों
जिदित, कड़ी मेहनत से बचते रहे....

नई दुनिया की रथ
दो पहिए हैं
पति, वह संघर्ष कर रही है
सखी गरीबी 

आओ, मैहर को छोड़ दो
सास माया दे
संभाला, समझ
तुम कहो, तुम कहो....

मेरे बिना
गुआन गोविंदा रहेंगे
विवाद, संदेह से बचना
भविष्य का सपना...

आपका सम्मान है
गर्व मेरा है
केवल श्रम पर, वफादारी पर
संसार खड़ा है...

भाग्य से लड़ना
दु: ख, अवसाद 
जीवन के कोड
दोनों एक साथ चले गए...

वही दो अधिकार
ऐसा कर्तव्य निभाया जाएगा
तुम वहाँ दुनिया में
दुख, खंडों से बचना
-अभिलाषा देशपांडे 

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2 Comments

Haaya meer

20-Dec-2022 05:54 PM

Bahut khoob

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Sachin dev

20-Dec-2022 04:26 PM

Nice 👌

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