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नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र क्या है ?
    आज मैं आपको नक्षत्र पर जानकारी देने वाली हूं क्योंकि नक्षत्र हिंदू एस्ट्रोलॉजी का दिल है। पूरा जॉयटेक जो है वो २७ नक्षत्र मे विभाजित है। अश्विनी से लेकर रेवती तक बीच में  एक 28 वा नक्षत्र अभिजित नक्षत्र भी होता है। इन 27 नक्षत्रों में पूरा ब्रह्मांड विभाजित है। एक नक्षत्र की डयुरेशन 13 डिग्री 20 मिनट की होती है। एक राशि 30 डिग्री की होती है। और उसमें जो नक्षत्र का डयुरेशन होता है 13 डिग्री 20 मिनट होता है। 

      जैसे कि मैं अगर बात करूं अश्विनी क्योंकि मेष राशि पहली राशि है। सोमेश के 30 डिग्रीस में से शून्य से 13 डिग्री 20 मिनट जो है वह आपके अश्विनी से रुल्ड है। याने के उस दौरान एक सर्कल पूरा करता है अगर आप का जन्म हुआ है तो आप अश्विनी नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति है।

       अब कैसे डिसाइड होता है आपका जन्म इस नक्षत्र में जन्मे है?
क्योंकि यह चंद्रमा का पूरा एक चक्र होता है पृथ्वी के आसपास वह अपने ऑर्बिट पर घूमता है तो 27 पॉइंट 3 डेज में चंद्रमा पूरा करता है। 
तो लगभग एक दिन वह एक ही नक्षत्र में रहता है। इसीलिए नक्षत्रों को लोनार मेंशन कहा जाता है। एक नक्षत्र में 4 पद होते हैं वह होता है 3 डिग्री 20 मिनट यह बहुत टेक्निकल बातें हैं लेकिन इनको देखकर ज्योतिष आपके नाम के अक्षर निर्धारित करते हैं आपके नाम का अक्षर नक्षत्र से डिसाइड होता है आपकी जो विमशोत्तरी दशा होती है पूरे ग्रहों का टोटल साइकिल होती है 120 साल का होता है।
जिस नक्षत्र में चंद्रमा होता है उसी की दशा से आपका जीवन प्रारंभ होता है नक्षत्र जो है वह ज्योतिष्य की आंख नाक कान ह्रदय है।
स्वरचित
लेखिका
अभिलाषा देशपांडे
      

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6 Comments

Abhilasha deshpande

30-Dec-2022 04:40 PM

Thanks to all

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बेहतरीन

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प्रिशा

27-Dec-2022 11:51 PM

👌👌👌

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