लेखनी कहानी -30-Dec-2022
दिनांक- 30-12-22
विषय-निराशा का अंधकार मिटाकर
विधा-कविता
आशा की लो
दिल मे जलती
ऱख तू
रहे वो लो अविरत
एवं शाश्वत
अंधेरा मिटाकर
रखो प्राणों की
ज्योत ज्वलंत
निराशा को हे
हराना आशा से
दीप जलाना
संघर्ष से भरी
जीवनगाथा
करे हमेशा
सौ सौ वार
नैनो मे आसू ना
लाना हमेशा हसते
हुये जाना
स्वरचित रचना
-अभिलाषा दे शपांडे
Sachin dev
30-Dec-2022 04:36 PM
Well done
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पृथ्वी सिंह बेनीवाल
30-Dec-2022 04:08 PM
शानदार प्रस्तुति 👌🙏🏻
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