लेखनी का सफर
समझ नहीं आ रहा क्या लिखूं ....
लेकीन अब आप सभी का उत्साह देखकर दिल हैं, की बार बार कलम उठाने के लिए बोल ही रहा हैं
सोचा क्यों ना खुद से खुद को थोडा रूबरू करवाया जाए, अब आप सोचेंगे वो भला कैसे...?
तो आरंभ किया जाए ...
जानती हूं साथ ही मानती भी हु की, मैं एक बेहतरीन लेखक तो नही हूं बस पढ़ने का बहुत शौक रखती हूं चाहे कविता, कहानी या फिर शायरी ,, बस इसी शौक के चलते अक्सर अपनी डायरी में दिमाग से निकले कुछ अल्फाज लिखने लगी थी, लेकिन विद्यालय विद्यार्थी जीवन में इन्ही हरकतों के कारण बहुत डॉट भी पड़ती थी,आज भी बहुत अच्छे से याद है जब भी अखबार घर पहुंचता उससे पहले ही हम कहानी वाला पेज ही गायब कर देते घरवालों से छुपकर अपनी किताबों में रखकर हम बिल्कुल शांत चित्त होकर दीमक की तरह उसका एक एक शब्द हमारी नज़र से चट्ट कर जाते ,लेकिन वक्त ने थोड़ी सी करवट क्या बदली अखबार की जगह इ–न्यूजपेपर ने ले ली ओर हमारे शौक को भी थोड़ा सा रास्ता बदलना पड़ गया, अब भला पूरी जिंदगी तो बच्चे नहीं रह सकते लेकिन अपने बचपन के साथ शौक को भुला भी नही सकते, इसीलिए अल्फाजों को कलम से अपनी डायरी में कैद करने का सिलसिला जारी रखा गया !
वर्ष २०२२ जनवरी में हमे लेखनी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला लेकिन तब हम सभी की पोस्ट पढ़ा ही करते थे हिम्मत नहीं होती थी खुद(विचार) को आप सभी से रूबरू करवाने की ऐसा नहीं है की डरते थे हम बस इतने बड़े साहित्यकारों के समक्ष अपनी गिनी चुनी पंक्तियां जिनमे ना कोई लय, शब्द संयोजन, भाव कविता के नाम पर सिर्फ कुछ अल्फाज होते पेश करने में थोड़ी सी झिझक होती बहुत हिम्मत करके हमने अपनी पहली रचना "कुछ यादें" डाली थी,साथ ही पहली बार अपनी रचना "मुलाकात (खुद से)" के लिए विजेता भी चयनित की गई थी, इसी तरह आप सभी के सहयोग के साथ रचनाओं का सिलसिला शुरू हुआ ओर कुछ दिन बाद आप सभी महान हस्तियों से रूबरू होने का मौका व्हाट्सप्प लेखनी ग्रुप में मिला ।
कोशिश हमेशा यही रहती हैं सभी की रचनाएं पढू ओर अपने लेखन को भी थोड़ा ठीक कर सकूं ।
लेकिन अपनी पढ़ाई के क्रमवार सिलसिले के चलते बहुत ही कम अवसर पर रचना लिखने की कोशिशें होती हैं, या यूं कहें कुछ वक्त की हिमाकत और कुछ अपनों की चाहत के चलते अपने शौक को थोड़ी कम वरीयता दी जाने लगी है,लेकिन वक्त के साथ कोशिश रहेगी आप सभी को अपने अल्फाजों से रूबरू करवाने की ।
आप सभी से सीखकर बढ़ने की कोशिश में लगी हुई,
आपकी अपनी
🖋️.....रीना यादव
राजस्थान, जयपुर
Mohammed urooj khan
24-Mar-2023 01:07 PM
शानदार लिखा आपने मेम, ऐसे ही अपने सफऱ को जारी रखिये 👌👌👌
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Radhika
20-Mar-2023 05:16 PM
खूबसूरत सफर है आपका, लिखते रहिये
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abhiwrites
05-Jan-2023 07:37 AM
आप वाकई हर एक लफ्ज़ दिल से लिखती हैं बिना मिलावट किए👌💐😇
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