Shailja Gupta

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आवाज

आत्महत्या

चारदीवारी में ना सिमटना
दरवाजे बंद कर ना यूं तड़पना।
इतनी नाउम्मीदी अच्छी नहीं
क्यों समझा यह कि कोई अपना नहीं।
बोलोगे तो जरूर सुनेंगे 
एक बार जो कहा उस पर गौर करेंगे।
बोलते है तो असर जरूर होता है 
आज नहीं तो कल होता है।
वह तो चाहता ही हैं तुम चुप हो जाओ
बस उनकी ही सुनते जाओ।
यूं ना जाते काश लौट आते 
अपनों को एक आवाज तो लगाते।
यकीन मानो हम जरूर आते
काश .....लौट आते।।


शैलजा
प्रतियोगिता...... आवाज

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3 Comments

Ravi Goyal

10-Sep-2021 08:30 AM

Waah bahut khoob 👌👌

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Zakirhusain Abbas Chougule

09-Sep-2021 11:29 PM

Nice

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Seema Priyadarshini sahay

09-Sep-2021 11:15 PM

अप्रतिम लेखनी

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