लेखनी प्रतियोगिता -04-Jan-2023
शब्द पर दो पल में सदियां जी लो
जीना उसी का नाम है जो दुख से घबरा जाए वो नहीं हिंद की नारी है।
घुट घुट के जीना छोड़ दो खुशी के दो पल ही जीवन में काफी है।
प्यासे की प्यास बुझाने को पानी का घूंट पिलाना है।
पल दो पल में सदियां जी लो तुम घुट घुट
कर जीना छोड़ दो दो पल में सारी सदियां जीना है।
भूखे को भोजन लेकर के देख जरा अरे नादा हम कितनी सदियां जी लेते हैं।
मत सोच अरे नादा आगे क्या होगा देखा जायेगा है बात यहीं समझानी है।
मतलब के देखें मित कई नहीं आनी है ना जानी है।
फिक्र करें है तू जिसकी वो तेरा हम जानी बनकर आया है।
अभिलाषा देशपांडे
Gunjan Kamal
05-Jan-2023 08:50 PM
बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति 👌🙏🏻
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Sachin dev
05-Jan-2023 04:01 PM
Well done
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Raziya bano
04-Jan-2023 06:50 PM
Nice
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