लेखनी कहानी -09-Jan-2023
*खोज*
हमेशा एक सड़क की सीढ़ी, एक तांगती तलवार होती है ..
कितने जहल के टुकड़े, आदमी एक बोझ है .....!!
क्या झटका है, चोटों की आड़ क्यों ....
मन लकीर है, उत्थान निकट है ...!!
किसी ने हिमालय को खदान के मूल में संग्रहीत किया.
जमे हुए लोहार सवाल, एक बड़ी बीमारी है ....!!
आप एक साथी हैं, हाथियों से एक बल आता है ....
मैच संकट को हराने से इनकार कर रहा है ..!!
सपने कल के हैं, लोगों ने आशा की ,
यहां तक कि सनकी प्रकृति, छत खिलने वाली है ....!!
जो चलता है, उसके बिना रास्ता कठिन है
एक हाथ से चलने के साथ, लक्ष्य बहुत दूर नहीं है .....!!
बाकी निश्चित है जहां स्टॉप है ..
साथ मत जाओ, सच बहुत बड़ा है ...!!
-अभिलाषा देशपांडे
Gunjan Kamal
10-Jan-2023 10:06 AM
बहुत खूब
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सीताराम साहू 'निर्मल'
09-Jan-2023 03:44 PM
शानदार प्रस्तुति 👌🙏🏻
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