जीवनसाथी

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जीवनसाथी  जिस पर नाज हमको पिया , वही हो नव जीवन के आधार। तुझ बिन सूना सूना लगता , दिल हिर्दय और आंगन द्वार।  तुझ पर सजती संवरती हूं, तू ही ...

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