लेखनी कविता-शजर -10-Feb-2023

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*शजर* प्रेम भाव से लगाया हमने शजर। वैवाहिक  जीवन की नौका में रखा पैर।। चलती रही सुखमय शुरू हुआ सफर। धीमे है शाखाएँ फूटी खड़ा हुआ वट वृक्ष। । मेरे दिल ...

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