नज़र का तीर

0 Part

364 times read

5 Liked

1212-1122-1212-22/112 नज़र का तीर कुछ ऐसे जिगर के पार किया, निगाहे शोख़ से इक पल में ही शिकार किया//1 गया वो लेके मिरे दिल को, दे गया आँसू, यहां भी उसने ...

×