Harish (shayari guru)

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सब पुश्ते हैं दुख है।  मैने आज तक किसी को अपना दुख सुनाया ही नहीं।  मैंने सबको अपना बनाया पर किसी ने मुझे अपना बनाया ही नहीं।  अब हंसता रहता हूं ...

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