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कशिश चाहत प्रेम की रही खींच मुझको कशिश हाय तेरी करें क्या बता दें मोहब्बत ऐ मेरी। जमाने की नजरों के पहरे लगे हैं। मिलू तुझसे अरमान दिल में जगे हैं। ...