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प्रेम रंग चढ़ गया है प्रेम रंग दूजा रंग न भाए पिया, प्रेम दिवानी हुई मैं तेरी, कैसी तुझे समझाऊँ पिया शाम ढले तो तुझे चाँद में देखूँ , देख-देख सरमाऊँ ...