हिना (मेंहदी)

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दुआ-ओं में जो ढली हिना है  तो दस्त-ए-रुख़ सजी हिना है,,  सदा निखारा है हुस्न जिस ने  वो संग पर ही घिसी हिना है,, कहे किसी से न हाल दिल का, ...

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