53 Part
79 times read
0 Liked
हे मेरो मनमोहना आयो नहीं सखी री हे मेरो मनमोहना आयो नहीं सखी री। कैं कहुं काज किया संतन का। कैं कहुं गैल भुलावना॥ हे मेरो मनमोहना। कहा करूं कित जाऊं ...