रघुवर

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रघुवर हर शै में बसे हो तुम रघुवर  दरस दिखा दो मुझको क्षणभर। मालूम मुझे तो यह है सदा, हाथ थाम लेते हो बढ़कर। हर शै में बसे हो तुम रघुवर। ...

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