लेखनी गजल

2 Part

418 times read

15 Liked

बर्बाद होकर भी सनम लिखते है तुम्हें जान करके शरम लिखते है बची है छटपटाहट मौत के वक्त सी पहले से ही कहानी खत्म लिखते है पढ़ते हुये मुस्कुरायेंगे होंठ सबक़े ...

×