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बेखुदी बड़ी मुश्किल से उबरे है उनकी बेखुदी से आज तुम्हारी मोहब्बत को भी आजमा लेते हैं दिल मैं एक बार पुनः उम्मीद जगाते हैं आज फिर से मुहब्बत करके देखते ...