देखा नहीं कल

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देखा नहीं कल  किसी को यूं  बेआबरू ना कर।  समय से तो डर।  कब पासा पलट जाए।  कोई देखा नहीं कल।  यह हक तुम्हें , किसने दिया है।  किसी की निजी,  ...

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