40 Part
49 times read
0 Liked
मुझे हर हाल में बक्से गए उजाला अपना चाँद रिश्ते में नहीं लगता है मामा अपना। मैंने रोते हुए किसी दिन पोछे थे आँशु मुदतो माँ न नहीं धोया दुपट्टा अपना। ...