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मां याद बहुत आती है.. सिरहाने बैठकर तुम.. कितना दुलारती थीं.. बिन आंखें छपके एक-पल..एक-टक निहारती थीं.. सूकुन और राहत की.. छाया के जैसी ... स्नेह लिए आंचल में...एक साया के ...