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महबूब तुम्हारी आँखों में, इक अलग खुमारी छायी है। जिसे देखकर दिल मेरा यह, बन बैठा सौदाई है।। महबूब तुम्हारी आँखों की, हर एक अदा मतवाली है। कहने वाले तो कहते ...