जीवन दर्शन

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क्यों रोते हो क्यों सोते हो हाथ फैला कर जीवन में अपने बहुमूल्य समय क्यों खोते हो जब ईश्वर ने दे दी है शक्ति अपार परिभाषा दें परिश्रम की आज भर ...

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