तुम और प्रेम

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एक बात बताऊँ तुम्हारे बिछड़ जाने से जितना बेचैन नहीं हुआ मैं, उससे लाख गुना मात्र सोचने से ही परेशान हो जाता कि तुम्हारे प्रेम के बिना मेरा अस्तित्व क्या होगा। ...

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