1 Part
356 times read
14 Liked
जीने की वजह हो तुम यह तन मन धन है अर्पित लहू का कतरा कतरा समर्पित दिन रात और सुबह हो तुम मेरी जीने की वजह हो तुम। तेरी किलकारी सुनकर ...