जीने की वजह हो तुम

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जीने की वजह हो तुम यह तन मन धन है अर्पित  लहू का कतरा कतरा समर्पित दिन रात और सुबह हो तुम  मेरी जीने की वजह हो तुम। तेरी किलकारी सुनकर ...

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