जिंदगी

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जिंदगी  स्वरचित एवं मौलिक गमगीन कुछ रंगीन रहती है, खुश रहो खुश रखो सबको। अधरों की मुस्कान कहती है, पी  सुनो जिंदगी कुछ कहती है। कुछ पल को मिली सौगात,  क्यों ...

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