माता तेरे द्वार पर

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सब रूठे या जग रूठे पर माँ तू कभी न रूठे, अरदास हमारी पूरी होगी ये आस कभी न टूटे, नाव हमारी बीच भंवर माँ तू ही इसको पार कर, आज ...

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