1 Part
353 times read
2 Liked
सब रूठे या जग रूठे पर माँ तू कभी न रूठे, अरदास हमारी पूरी होगी ये आस कभी न टूटे, नाव हमारी बीच भंवर माँ तू ही इसको पार कर, आज ...