सुनहरे कंगन

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ज़िंदगी अपनी आख़री पड़ाव पर  है। मै अपनी तन्हाई के साथ अकेला बस यूं ही इस विरान घर मे अपनी आख़रीं साँसे गिन रहा हूँ, ऐसी ही एक बोझिल शाम को ...

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