1 Part
51 times read
6 Liked
मैं कहीं नहीं मिलता आजकल सिर्फ खुलता हूँ तुम्हारी बातों में बनके एक और बात फैलता हूँ तुम्हारी मुस्कुराहट की बन के एक खुशबू रखा रहता हूँ तुम्हारी नींदों में रात ...