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*मधुर व्यवहार* द्वेष-कपट-छल-दंभ नहीं हो, सबके मन में प्यार रहे। रहे मधुरता वाणी में भी- सम्यक शुद्ध विचार रहे। गणित नहीं चलती रिश्तों में, रिश्ते कोमल होते हैं। बहुत सँभल कर ...