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मन की गति क़ाबिज़ न होने देना,मन पे थके बदन को, तन की थकान देती,उदासी सदा ही मन को। होता बड़ा दिलेर ,सुन लो,इंसान का ये मन- ज़िंदा-दिली से आदमी,छू ...