कंकाल-अध्याय -८८

91 Part

81 times read

0 Liked

मैंने भगवान् की ओर से मुँह मोड़कर मिट्टी के खिलौने में मन लगाया था। वे ही मेरी ओर देखकर, मुस्कुराते हुए त्याग का परिचय देकर चले गये और मैं कुछ टुकड़ों ...

Chapter

×