कवि बिहारी

1 Part

678 times read

20 Liked

सतसैया के दोहरे, ज्यों नावक के तीर।  देखन में छोटे लगै, घाव करें गंभीर।।  इस दोहे के माध्यम से कवि बिहारी जी ने कम शब्दों में बड़ी बात कह दी है, ...

×