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हो जीवन में कितनो दुःख उसे हंस-हंस के जीते चलो जहर जिंदगी के गम का आहिस्ता आहिस्ता पीते चलों।। किसी को ना बोलो किसी को ना प्रतीत होने दो हर गम ...