लेखनी कहानी -18-Mar-2024

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ज़िंदगी चले थे,हम सफर पर ज़िंदगी,सपने कई लेकर पता ना था,सफर ले जाएगा,राहें नई लेकर! जहाँ देखें,वहाँ चहरा बदलता रंग दिखता है, फिजा,हमको न जाने कौन सी राहें गई लेकर!! जमाने ...

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