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धड़कन धड़-धड़ कर रहि जाने किधर है वह आज नजर नहीं आई शायद किसी सफर में है वह धड़कन धड़-धड़,,,, कुछ बोलती नहीं मगरूर सियासी चाल है वह जाने क्या खबर ...