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विकारों के दाग मिटाओ, देवतुल्य कहलाओ दुनिया के दलदल में, फंसकर कुछ न पाओगे अपनी आत्मा पर तुम, और ही दाग लगाओगे बगुला बुद्धि वाले भी, सारी दुनिया में भरे पड़े ...