पुरूषों को सिखाया जाता है कि पुरूष नहीं है । आँसू स्त्रैण हैं, मर्द कभी रोता नहीं ... यह बात हर पचरूए पल्ले बाँध कर जीता है । स्त्रियों को बहुत ...

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