विश्वास की लौ

0 Part

62 times read

3 Liked

विश्वास की लौ एक दूसरे की ,मन की बातों को, अपने मन में छुपा लेना और किसी तीसरे को उसकी भनक भी ना लगना, यह दो पवित्र व्यक्तियों के बीच पवित्र ...

×