त्रिपदियाॅं

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*त्रिपदियाँ* नहीं पूछना देव कहाँ पर? हो नारी-सम्मान जहाँ पर। हो न कभी अपमान वहाँ पर।। ----------------------------------- अजस्र स्रोत ममता का नारी, नारी-हृदय सदा उपकारी। होती यह अनुपम छवि-धारी।। ------------------------------------ अमित ...

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