ग़ज़ल

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अदा अदा में बेशुमार बिजलियाँ लिये हुए,  लतीफ़ जगमगाहटों का कारवां लिये हुए।  ये कौन आ गया मेरे क़रीब इतने प्यार से,  निगाहों में सुहाग-रात का समां लिये हुए।  ये किन ...

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