दास्तां-ए-इश्क .......

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दास्तां-ए-इश्क ....... मौसम बदल जाते हैं तेरे आने के बाद महकते हैं गुलशन  पतझड के आने के बाद कदमों की आहट पर जाग जाती है फिजाएँ  चिडियाँ चहकने लगी है भोर ...

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