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महादेव तन पर भस्म रमाए फिरते, जटे गंगा की धार। गले सर्प की माला डाले। वस्त्र हैं उनकी बाघ छाल। ध्यान करे वो श्री राम नाम का, कैलाश पर्वत करे निवास। ...