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सब रंग रंगीन हैं जो तू मेरे संग है कैसे कहूं मैं उस बिन होली बेरंग है। छोड़ अबीर, गुलाल, कीचड़ मिट्टी से खेलें जाने कैसा अपनों को रंगने का ये ...