आखिर घुंघट क्यों?

1 Part

264 times read

13 Liked

आखिर घूंघट क्यों? बहू रानी.. जरा घूंघट तो नीचे कर, माथे तक टांग कर घूम रही हो। हमारे यहां ऐसे नहीं चलता है। शहर की होगी अपने लिए, लेकिन यहां पर ...

×