दृग सागर

1 Part

413 times read

7 Liked

देखे नयन के एक झलक में,  अंबक में थी गहरी सागर। त्रिया नहीं ये वामा थी,  जो छिपा रही विकल पलको पर। धात्री थी नवजात शिशु की,  वक्षांशो से था देना ...

×