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सतरंगी सपने लिये आंखों में यूँ दिल के ख्वाब देख कर जीने लगी हूँ, कभी गीत कभी गजल तो कभी शेर लिखने लगी हूँ। आज नहीं तो कल होंगें पुरे मेरे ...